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01 Oct, 2025

2026-27 के लिए गेहूं सहित रबी फसलों के समर्थन मूल्य में वृद्धि को मंजूरी, जानिए कैसे होगा फायदा 

 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रीमंडल द्वारा रबी फसलों की एमएसपी में वृद्धि को स्वीकृति दी  है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय मंत्रीमंडल ने विपणन सत्र 2026-27 के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि कर अन्नदाताओं का हित संवर्धन किया है। इस निर्णय से मध्यप्रदेश के किसान बंधु भी बड़े पैमाने पर लाभान्वित होंगे। किसानों के कल्याण के लिए केन्द्र और राज्य सरकार दोनों ही प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तुलनात्मक रूप से देखें तो गत वर्ष की तुलना में गेहूं में 160 रूपए, जौ में 170 रूपए, चना में 225 रूपए, मसूर में 300 रूपए, रेपसीड और सरसो में 250 रूपए की वृद्धि की गई है। सर्वाधिक वृद्धि कुसुम के लिए 600 रूपए प्रति क्विंटल हुई है। उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय मंत्रीमंडल ने वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 करने का निर्णय लिया है। इसी तरह जौ का समर्थन मूल्य 2150 रूपए, चना का 5875 रूपए, मसूर का 7000 रूपए, रेपसीड और सरसो का 6200 रूपए और कुसुम का 6540 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। दलहन आत्मनिर्भरता मिशन से बढ़ेगा दाल का उत्पादन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'दलहन आत्मनिर्भरता मिशन' की स्वीकृति का निर्णय भी किसान हित की दृष्टि से ऐतिहासिक है। वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक दाल उत्पादन 350 लाख टन तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए 11 हजार 440 करोड़ रूपए का निवेश भी किया जाएगा। किसानों को दालों की नवीनतम किस्मों के उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाएगा,

 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रीमंडल द्वारा रबी फसलों की एमएसपी में वृद्धि को स्वीकृति दी  है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय मंत्रीमंडल ने विपणन सत्र 2026-27 के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि कर अन्नदाताओं का हित संवर्धन किया है। इस निर्णय से मध्यप्रदेश के किसान बंधु भी बड़े पैमाने पर लाभान्वित होंगे। किसानों के कल्याण के लिए केन्द्र और राज्य सरकार दोनों ही प्रतिबद्ध हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तुलनात्मक रूप से देखें तो गत वर्ष की तुलना में गेहूं में 160 रूपए, जौ में 170 रूपए, चना में 225 रूपए, मसूर में 300 रूपए, रेपसीड और सरसो में 250 रूपए की वृद्धि की गई है। सर्वाधिक वृद्धि कुसुम के लिए 600 रूपए प्रति क्विंटल हुई है।

उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय मंत्रीमंडल ने वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 करने का निर्णय लिया है। इसी तरह जौ का समर्थन मूल्य 2150 रूपए, चना का 5875 रूपए, मसूर का 7000 रूपए, रेपसीड और सरसो का 6200 रूपए और कुसुम का 6540 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।

दलहन आत्मनिर्भरता मिशन से बढ़ेगा दाल का उत्पादन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'दलहन आत्मनिर्भरता मिशन' की स्वीकृति का निर्णय भी किसान हित की दृष्टि से ऐतिहासिक है। वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक दाल उत्पादन 350 लाख टन तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए 11 हजार 440 करोड़ रूपए का निवेश भी किया जाएगा। किसानों को दालों की नवीनतम किस्मों के उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाएगा, इसके लिए 88 लाख नि:शुल्क बीज किट बांटे जाएंगे। फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने की रणनीति भी बनाई गई है, लगभग एक हजार प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित होंगी। आने वाले 4 साल में किसानों से तुअर, उड़द और मसूर की सम्पूर्ण फसल की खरीद सुनिश्चित की जाएगी।